लेखन न केवल शौक बल्कि ज़िंदगी को जीने की ज़रुरत बन गयी है .नहीं बर्दाश्त कर पाती हूँ बहुत कुछ ऐसा अनर्गल प्रलाप जो कोई भी किसी भी कुछ न कहने वाले को कहे जाये और बस वहीँ चोट करती हूँ जहाँ देखती हूँ कि अत्याचार कुछ ज्यादा बढ़ रहा है और पा जाती हूँ समाचार पत्रों में स्थान और उस स्थान को कैसे सहेजूँ तो बना लिया एक ब्लॉग और किया आपसे इसको भी साझा .आप मेरे इस प्रयास के बारे में क्या सोचते हैं ज़रूरी समझें तो बताएं अवश्य .
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बुधवार, 8 फ़रवरी 2023
तुलसीदास का पुरूष अहं दैनिक जनवाणी दिनाँक 08 फ़रवरी 2023
सोमवार, 26 दिसंबर 2022
श्री राहुल गांधी - एक महान राष्ट्रनायक दैनिक जनवाणी दिनाँक 27 दिसंबर 2022
कन्याकुमारी से आरंभ होकर भारत जोड़ो यात्रा जैसे ही उत्तर की ओर बढ़ी, सियासी हल्कों में हलचल आरंभ हो गई और राजस्थान में उमड़ पड़े जनसमुदाय ने राहुल गांधी जी के विरोधियों में आग सी लग गई और शुरू हो गई कोरोना के फैलने की खबरें. जिस भारत जोड़ो यात्रा में अब तक विरोधियों के अनुसार इक्का-दुक्का ही लोग आ रहे थे उसे रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्री राहुल गांधी जी को भारत जोड़ो यात्रा रोकने के लिए पत्र लिखने बैठ गए.
यही नहीं राहुल गांधी जी की राष्ट्रीयता यहीं पर नहीं रुकी बल्कि यात्रा के दिल्ली आने पर वे सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के समाधि स्थल पर गए और यहां उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि उनमें है वह भावना-जो एक सच्चे और महान राष्ट्रनायक में होनी चाहिए.
राहुल गांधी सर्वप्रथम अपने पिता और देश के सातवें प्रधान मंत्री स्व श्री राजीव गांधी जी की समाधि स्थल वीर भूमि पर गए, इंदिरा गांधी जी की समाधि शक्ति स्थल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट, पंडित नेहरू की समाधि शांति वन, लाल बहादुर शास्त्री जी की समाधि विजय घाट, चौधरी चरण सिंह जी की समाधि स्थल किसान घाट पर गए, पर यह कोई महान कार्य नहीं था क्योंकि ये सभी कॉंग्रेस पार्टी के आदर्श चरित्र और नेता रहे हैं, राहुल गांधी जी की महानता कही जाएगी उनका भाजपा नेता और पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी जी की समाधि स्थल सदैव अटल पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित करना. ऐसा नहीं है कि स्व अटल बिहारी वाजपेयी जी उनकी श्रद्धांजली के पात्र नहीं थे, अटल बिहारी वाजपेयी जी सदैव भारतीयों के हृदय में सम्मान के पात्र हैं और रहेंगे किन्तु देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जी क्या भाजपाई प्रधानमंत्री और भाजपाई राष्ट्रपति के द्वारा सम्मान के पात्र नहीं होने चाहिए. वर्तमान और वर्ष 2000 के बाद का देश का इतिहास गवाह है भाजपा द्वारा बनाए गए पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जी के जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर देश में कहीं और का प्रवास कार्यक्रम तय कर लेते थे और इनकी समाधि स्थल पर जाकर अपनी पुष्पांजलि अर्पित नहीं करते थे और यही रवैय्या भाजपा के वर्तमान नेतृत्व का है जो देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले कॉंग्रेस पार्टी के इन महान प्रधानमंत्रियों की जयंती और पुण्यतिथि पर ट्विटर पर ट्वीट द्वारा ही अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं.
ऐसे में, एक राष्ट्रनायक वही होना चाहिए जो दलगत राजनीति से परे रहता हो, केवल राष्ट्र का सम्मान ही सर्वोपरि रखता हो और कॉंग्रेस पार्टी से जुड़े होने पर भी राहुल गांधी के द्वारा भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित करना उन्हें राष्ट्रनायक की छवि प्रदान करता है और एक आम भारतीय आज उनमें अपने भारत राष्ट्र का महान नायक होने का अक्स देख रहा है. राहुल गांधी जिंदाबाद 🇮🇳
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)


















